1. अपनी व्यक्तिगत सोच के आधार पर निर्णय ले

जीवन में कई बार ऐसी परिस्थितियां आ जाती है जिसमें हम खुद निर्णय नहीं ले पाते उस वक्त हमें अपने रिश्तेदारों दोस्तों की सलाह की जरूरत पड़ती है , जब हम सही और उचित निर्णय नहीं  ले पाते हैं, तो हमारे सामने दो विकल्प होते हैं या तो हम अपने रिश्तेदारों दोस्तों की बात मान ले या फिर खुद की ,ऐसे समय में  एक सबक सीखने को मिलता है  कि  हमें सब की  सलाह सुनना चाहिए| परंतु उसका निर्णय अपनी व्यक्तिगत सोच के आधार पर ले|

2. अपना कार्य शुरू करने में देरी ना करें

आजकल देखने को यह मिलता है कि लोग अपना लक्ष्य तो बना लेते हैं लेकिन उसको शुरू कब करना है  यह  लक्ष्य से भी कठिन काम हो जाता है, परंतु यह बात भी सही है कि हर काम  को सोच समझकर  करना चाहिए|’ आपने जरूर सुना होगा क्योंकि बिना सोचे जल्दवाजी में किया गया काम ज्यादातर विपरीत परिणाम देता है।

दोस्तों ज़िन्दगी का यह दूसरा सबक हमेशा याद रखें   कि हमें काम  शुरू करने में कभी भी देरी नहीं करनी चाहिए , ज्यादा से ज्यादा किया होगा  कुछ कठिनाइयां मिलेगी  परंतु उनको सुधारने का  पर्याप्त  समय भी तो मिल जाएगा इस सबक को हमेशा याद रखें असफलताएं आपको सबक सिखाती हैं जो आपको भविष्य में सफल होने में मदद करेंगी। इसलिए कार्य  शुरू करने में कभी देर  करें।

3. समय को बर्बाद ना करें

दोस्तों, जो समय गुजर गया उसका अफसोस नहीं करना चाहिए क्योंकि उसमें भी हमारा समय  नष्ट हो रहा है, कहीं लोग  घंटों बकवास करते हैं और कहते हैं मेरे पास समय नहीं है, ऐसे लोगों को समय की कदर नहीं होती, जब आप गुजरे समय पर अफ़सोस कर रहे होते  हैं उस समय भी समय गुजर रहा होता है|

दोस्तों इस बात को हमेशा याद रखो की गुज़रा समय वापस नहीं आता। इस क्षण आप क्या कर रहे हो यह मायने रखता है। आप मनोरंजन करो, टाइम भी पास करो। लेकिन तो आप समय व्यतीत कर रहे हो उसकी कीमत जरूर समझो।  इस तीसरे सबक को हमेशा याद रखना जो समय की कीमत नहीं समझता फिर समय भी उसकी कीमत  नहीं समझता|

4.  जितना मिल जाए उसका आभार माने

दोस्तों हम सब जानते हैं कि आज के मनुष्य की इच्छा कभी पूरी नहीं होती,यदि आप अपने काम के लिए आभार नहीं मानते तो उस व्यक्ति से मिलये जो शिक्षित होकर भी बेरोज़गार है। यदि आप अपने शरीर  के लिए आभार नहीं मानते तो उस व्यक्ति से मिलये जो हाथ पैरों से लाचार है।  ज़िन्दगी का यह चौथा सबक हमेशा याद  रखें, यदि आप खुश रहना चाहते हैं तो जो मिला है उसके लिए आभारी रहो।

आपका आभार मानना, और उसे जिंदगी में कभी भी किसी भी चीज की इच्छा नहीं होती| आपको संतुस्टता और ख़ुशी देगा। आभार एक ऐसा उपहार है जो जीवन को सुन्दर और सुखमयी बना देगा। आभार मानने वाला व्यक्ति खुद भी सुखी रहता है और दूसरों को भी ख़ुशी ही देता है।

5. कभी हिम्मत मत हारो

दोस्तों, अगर आपने कोई काम शुरू कर दिया तो हमें उसमें कितनी भी  कठिनाइयां आ जाए पर पीछे नहीं हटना चाहिए और जब तक सफलता ना मिल जाए उस पर डटे रहना चाहिए दोस्तों किसी समस्या से हिम्मत हार पीछे हटने से हम  कर्म योद्धा नहीं बन सकते। एक विजेता तब बनता है जब वो लड़ता है। 

जीवन में हमें हमेशा असंख्य चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। लेकिन  उस चुनौती का सामना हम कैसे करते हैं इसका फर्क हमारे जीवन पर पड़ता है। तो क्यों जब चुनौती आती है तो हम हिम्मत हार जाते हैं।दोस्तों, ज़िन्दगी का पांचवां सबक है कि कभी हार न मानें। कहते हैं लगातार रस्सी के रगड़े जाने से तो पत्थर पे भी निशान पड़ जाते हैं। इसलिए  बिना निराश हुए बस संघर्ष करते जाइए, हिम्मत मत हारिये।

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