कहते हैं स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ दिमाग का निवास होता है। …और स्वस्थ शरीर के लिए हमें अपनी जीवनशैली में सुधार लाना होता है। इसके साथ ही एक और जरूरी काम होता है ।

वह है, घर का वास्तु सही करना। अगर वास्तु के कुछ नियमों का खयाल रखा जाए तो परिवार के लोगों की सेहत बनी रहती है। इन नियमों का पालन करने से आप कई बीमारियों को अपने घर और परिवार से दूर रख सकते हैं।

आइए, जानते हैं वह सरल नियम कौन-से हैं.

1. इस दिशा में सोएं

वास्तु के अनुसार, अच्छी नींद व्यक्ति को काफी बीमारियों से दूर रखती है। रात को सोते समय ध्यान दें कि आपका सिर दक्षिण दिशा की तरफ हो और पैर उत्तर की तरफ। इन दिशाओं में इस प्रकार सोने से सिर दर्द और अनिंद्रा की दिक्कतें व्यक्ति को परेशान नहीं करती हैं।

2. ऐसी तो नहीं घर की सीढ़ियां

सीढ़ियां हमारे घर का एक अभिन्न होती है लेकिन वास्तु के अनुसार, यह आपके स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकती है। अगर घर का द्वार खोलते ही सामने सीढ़ियां दिखाई देती हैं तो यह अशुभ है। अगर तोड़फोड़ संभव नहीं है तो दोनों के बीच एक पर्दा लगा दें। इससे आपका स्वास्थ हमेशा अच्छा रहेगा और घर सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी।

3. ऐसा हो बेडरूम

आप दिनभर कहीं भी हों लेकिन आराम और सोने के लिए आप अपने बेडरूम में ही जाते हैं। बेडरूम कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताजी हवा आने के लिए कमरे में खिड़की होनी चाहिए। आप कभी भी अपने बेडरूम में भगवान की तस्वीर ना लगाएं, बेडरूम में प्राकतिक तस्वीर लगा सकते हैं।

4. घर का केंद्र रखें खाली

घर का मध्य भाग जहां तक संभव हो सके खाली रखना चाहिए। अत्यधिक सामान को जब हम इस भाग में रखते हैं तो घर में प्रवेश करनेवाली सकारात्मक ऊर्जा बाधित होती है और घर के वातावरण में निराशा और थकान भरने लगती है। अगर यहां सामान रखना ही हो तो कम सामान रखें और हर समय सफाई रखें।

5. इस दिशा में रखें रेकी क्रिस्टल

रेकी क्रिस्टल में मौजूद ऊर्जा हमारे आस-पास की नकारात्मक ऊर्जा को दूर भगाने में सक्षम होती है। ये हमारे स्वास्थ्य, भाग्य, रिश्ते और पर्यावरण में सकारात्मक बदलाव लाते हैं। रेकी क्रिस्टल हमारी इच्छाओं की पूर्ति करने में सक्षम है। इसे आप घर के मध्य भाग में रख सकते हैं।

6. ओवरहेड बीम तो नहीं है वजह

वास्तुशास्त्र के अनुसार, यदि कहीं लेटने या बैठने की जगह के ऊपर घर के लिंटर में डाला गया बीम आता है तो बीम के मध्य में बीम के दोनों तरफ लाल रिबन बांधकर 45 डिग्री कोण पर बांसुरी लटकानी चाहिए। पलंग पर लेटे व्यक्ति के शरीर के जिस भाग पर बीम आता है शरीर के उस भाग स्थित अंगों में समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इसलिए बीम के नीचे कभी नहीं सोना चाहिए।

7. किचन के पास तो नहीं है यह

ज्यादातर बीमारियां इंसान को रसोई घर से लगती हैं। घर खरीदते या लेते समय, इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कहीं घर में किचन और बाथरूम आस-पास तो नहीं हैं। वास्तु में ऐसा होना, बीमारियों का आमंत्रण बताया गया है।

8. यहां लगाएं हनुमानजी की तस्वीर

भगवान हनुमान हमारे स्वास्थ्य के संरक्षक हैं। आप घर की दक्षिण दिशा में हनुमान जी की एक तस्वीर जरूर लगाएं। ऐसा करने से आपके घर में हमेशा खुशी का माहौल रहेगा।

9. ऐसा हो घर का मेन गेट

कहते हैं अगर आपके घर के सामने पेड़ या खंभा है तो घर के मेन गेट पर रोज स्वास्तिक बनाएं। मेन गेट के आस-पास तुलसी का पौधा या चमेली की बेल रखना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर में प्रवेश करने वाली सारी नकारात्मक ऊर्जा, सकारात्मक ऊर्जा में बदल जाती है और गलत दिशा में बने दरवाजे के दुष्प्रभाव कम होते है।

घर में मौजूद नुकीली चीजें जैसे तलवार, चाकू, जानवरों के दांत आदि(सजावटी वस्तुएं) जिनका मुख किसी भी अवस्था में घर के लोगों की ओर रहता हो। तब ये चीजें भी सीधे स्वास्थ के लिए खतरा बनने का काम करती हैं।

खुद से ही अर्थात घर के सदस्यों से घर में सकारात्मक बाते करते रहें इससे आपका और आपके परिवार के लोगों का स्वास्थ भी ठीक रहता है।

तो वास्तु शास्त्र के अनुसार स्वस्थ व निरोगी रहने के यह 9 tips जिसे आप अपने जीवन में अपनाकर स्वस्थ और निरोगी काया प्राप्त कर सकते हैं, जिससे आप स्वयं को और भी स्फुरती व एनर्जी से भरा महसूस करेंगे।इससे आप अपने हर कार्य को और भी उत्साह से कर सकेंगे। यह 9 वास्तु शास्त्र टिप्स का जीवन भर अनुसरण करने से आप व आपका परिवार कभी अस्वस्थ नहीं होगा ।

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