चूहों से अक्सर हमें किसी न किसी तरह की दिक्कत होती है I कभी वे कुछ काट देते हैं I कभी कोई सामान चोरी कर लेते हैं I कभी खाने-पीने की चीजें बर्बाद कर देते हैं लेकिन कंबोडिया में चूहे हीरो होते हैं I क्योंकि यहां चूहे हजारों लोगों की जान बचा रहे हैं I

कैसे बचाई हजारों लोगों की जान

हजारों लोगों की जानों की रक्षा करने वाला एक बहादुर चूहा सेवानिवृत्त हो गया। आप सोच रहे होंगे कि कैसे एक चूहा इंसानों की रक्षा कर सकता है। तो बता दें कि कंबोडिया में बीते पांच साल में मगावा नामक इस चूहे ने करीब 99 बारूदी सुरंगों का पता लगाया I जिससे हजारों लोगों की जानें बच सकीं।

अभी हाल ही में कंबोडिया के सियेम रीप प्रांत के त्रापियांग क्रासांग गांव में इन चूहों ने 788,257 वर्ग मीटर की जमीन से बारूदी सुरंगें खोजकर उन्हें नष्ट करने में मदद की है I इसके बाद ये जमीन 19 कंबोडियाई परिवारों को वापस दी गई I

बहादुरी के लिए मिला गोल्ड मेडल

अफ्रीकी नस्ल के इस मगावा चूहे की बहादुरी के सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चे हो रहे हैं। इस चूहे के सूंघने की क्षमता इतनी बेहतर है कि बारूदी सुरंगों का पता लगाने में इस्तेमाल होने वाली महंगी मशीनों को भी मात दे देती है। इसी खासियत के चलते इसे दल में शामिल किया गया था और अब तक इसने एक सैकड़ा बारूदी सुरंगों का पता लगाया है।

ब्रिटेन की एक चैरिटी संस्था ने चूहे को बहादुरी के लिए गोल्ड मेडल से नवाजा है I इस चूहे ने कंबोडिया में बारूंदी सुरंगें हटाने में मदद की थी I वह इस पुरस्कार को जीतने वाला पहला चूहा है I

सात साल का है मगावा


यह चूहा सात साल का है और इस चूहे को विशेष रूप से कंबोडिया में बारूदी सुरंगों का पता लगाने के लिए प्रशिक्षित किया गया था। उसने सफलता पूर्वक अपने काम को अंजाम दिया और उसके बारूदी सुरंगों के साथ कई जिंदा विस्फोटकों का भी पता लगाया। मगावा को एपीओपीओ नामक संगठन ने ट्रेंड किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, यह संगठन चूहों को बारूदी सुरंगों और अस्पष्टीकृत बमों का पता लगाने के लिए प्रशिक्षत करता है। मगावा पूरी तरह स्वास्थ है, लेकिन नियमानुसार सेवानिवृत्ति हो गया है।

सम्मानित भी किया जा चुका है मगावा


मगावा को ब्रिटेन की एक चैरिटी संस्था पीडीएसए द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। ब्रिटिश संस्था हर साल अच्छा काम करने वाले जानवरों को सम्मानित करती है। पहली बार इस संस्था ने एक चूहे को सम्मानित किया था। मगावा के प्रशिक्षक की मानें तो इस चूहे का प्रदर्शन बेहतरीन रहा, उसने दिए गए हर टास्क को सफलतापूर्वक पूरा किया। मुझे उसके साथ काम करने पर गर्व है।

इन चूहों ने 170 बारूदी सुरंगों को खोजा ये सुरंगे कई सालों से दबी हुई थीं और फटी भी नहीं थी. इनके फटने से लोगों और जानवरों के मरने का डर बना रहता था I इन सुरंगों को खोजकर नष्ट करने में चूहों को मात्र तीन महीने लगे I

इन चूहों के जरिए आप एक टेनिस कोर्ट के बराबर की जगह में बारूदी सुरंगें सिर्फ 20 मिनट में खोज सकते हैं. जबकि, मेटल डिटेक्टर से खोजने में करीब एक से चार दिन लग सकते हैं. चूहे बारूदी सुरंगे खोजने में 100 फीसदी सफल होते हैं I

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *