SOLAR ECLIPSE याने की “सुर्य ग्रहण” यह एक प्रकार से खगोलीय घटना है हिन्दू धार्मिक मान्यता अनुसार सुर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण को जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया हैं भारत में यह मानना है कि सुर्य ग्रहण व चंद्र ग्रहण हमारे जीवन में बहुत ही अद्भुत प्रभाव डालते हैं , इसके आधार पर हमारे जीवन अलग-अलग घटनाएं होती हैं.


जिस प्रकार मैंने यह कहा कि यह एक खगोलीय घटना है यह घटना इस प्रकार घटित होती हैं । पृथ्वी और सूर्य के मध्य कोई पिंड या ग्रह उसे ढांप देता है मतलब ढंक लेता है तब इस प्रकार SOLAR ECLIPSE या सुर्य ग्रहण होता हैं। इस बार भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस वर्ष जून में पहला सुर्य ग्रहण घटित होगा । यह 10 June 2021 को घटित होने वाला है,,इस बार के सुर्य ग्रहण से ज्योतिष शास्त्रीयों का मानना है इस बार सुर्य ग्रहण भारतीय राजनीति पर गहरा प्रभाव छोड़ने वाला होगा।।।

आइए जानते है आज SOLAR ECLIPSE के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां.

सुर्य ग्रहण क्या है? (WHAT IS SOLAR ECLIPSE)

इसी प्रकार ज्योतिष शास्त्र अनुसार यह माना जाता हैं की ग्रह RAHU के द्वारा सूर्य को ग्रास लगाया जाता हैं जिस कारण उसकी रौशनी पृथ्वी पर नहीं पड़ पाती हैं। तब इसे सूर्य ग्रहण कहा जाता है । साल 2021 का पहला Chandra Grahan वर्ष के 5वें माह में, यानि 26 मई 2021 को पड़ा था. यही अब साल का पहला सूर्य ग्रहण भी जल्द ही घटने वाला है। खगोलशास्त्रियों के अनुसार, साल 2021 में 10 जून को लगने वाला यह पहला सूर्य ग्रहण आंशिक सूर्य ग्रहण होगा।

साल 2021 का पहला सूर्यग्रहण


जानकारी के मुताबिक 2021 का पहला सूर्यग्रहण 10 जून 2021 को लगेगा। जो 1:42 बजे से शुरु होकर 6:41 बजे तक रहेगा। इसका मुख्य रूप से प्रभाव दिखना NORTH AMERICA के NORTH AREA में, EUROPEऔर ASIA में आंशिक व NORTH कनाडा, और GREENLAND और RUSSIA आदि में दिखाई पड़ेगा।


यह सुर्यग्रहण भारत में सिर्फ अरुणाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर आदि के कुछ हिस्सों में दिखाई पड़ेगा। बाकी किसी भी राज्य में इस ग्रहण का कोई असर नहीं होगा। ऐसे में इसका सूतक Sutak भी कुछ जगह ही मान्य होगा।

क्या प्रभाव छोड़ेगा इस साल का पहला सुर्य ग्रहण

10 जून 2021 को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण एक प्रकार से वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। वलयाकार सूर्य ग्रहण उस घटना को कहते हैं, जब चंद्र पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए, सामान्य तुलना में उससे दूर हो जाता है। इस दौरान चंद्र Surya और पृथ्वी के बीच आ जाता है, लेकिन उसका आकार पृथ्वी से देखने पर इतना नज़र नहीं आता कि वह पूरी तरह सूर्य की रोशनी को ढक दें। इस STATE में चंद्र सूरज पर पुरी तरह प्रतिबिंबित हो जाता हैं जिस कारण वह एक रिंग यानी अंगूठी के जैसा नजर आता हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देश के जिस शहर में आंशिक रूप से ग्रहण दिखने वाला है सूतक भी उसी क्षेत्र में मान्य होगा ।।।

ग्रहण 2021,10th June का सूतक काल

देश में जिन जगहों पर ग्रहण नजर आएगा सूतक सिर्फ उसी जगह पर ही माना जाएगा, ग्रहण का सूतक काल ग्रहण लगने के 12 घंटे पहले ही START हो जाता हैं. ग्रहण काल और सूतक काल में कोई भी कार्य पूजा अनुष्ठान यज्ञ हवन आदि नहीं किए जा सकते , इस काल में मंदिर कपाट भी बंद होते हैं केवल भजन कीर्तन करना ही मान्य रहता है ।।।

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