स्किन केयर ब्रांड को लेकर अक्सर हमारे मन में बहुत से सवाल रहते हैं। क्या यह प्रोडक्ट मेरी त्वचा के लिए ठीक रहेगा? यह प्रोडक्ट नेचुरल तो है न? इसे लगाने से, मुझे फायदा तो होगा न? कुछ प्रोडक्ट्स ऐसे भी होते हैं, जो नेचुरल और हेल्दी तो लगते हैं, लेकिन स्किन कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं।

कैसे हुआ स्किन कैंसर ?

दिल्ली की नंदीता बताती है कि जब मैं अमेरिका में ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी कर रही थी। तब मुझे एक सहेली के स्किन कैंसर के बारे में पता चला। वह मात्र 21 वर्ष की थी। मैं उसकी थेरेपी और इलाज के दौरान, हमेशा उसके साथ आती-जाती रहती थी। उस दौरान, उसका इलाज कर रहे एक डर्मटॉलॉजिस्ट ने हमें बताया कि वह जिन स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कर रही थी, वे भी कैंसर की एक वजह थे।

नंदीता आगे कहती हैं, “आपके शरीर में बननेवाले किसी भी तरह के केमिकल या रसायन, कैंसर की वजह बन सकते हैं। डर्मटॉलॉजिस्ट ने हमें सलाह दी कि हम जो भी उत्पाद इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके लेबल को ध्यान से पढ़ें और देखें कि उस प्रोडक्ट में कहीं कोई ऐसी चीज तो नहीं हैं, जो हमारी स्किन पर रह जाये।”

नेचुरल ब्यूटी बिजनेस की शुरुआत

नंदीता जब भारत लौटी। तब उन्होंने अपना एक पार्लर खोला। उन्होंने अपने ग्राहकों पर, केमिकल ब्लीच और हेयर प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से होनेवाले प्रभावों को देखकर,l अपने खुद के कुछ नेचुरल प्रोडक्ट्स लॉन्च करने का फैसला किया। इस कदम से उनके मन में एक नेचुरल ब्यूटी बिजनेस करने का ख्याल आया।

वह कहती हैं, “ऐसा नहीं था कि यह विचार मुझे रातों-रात आया था। ऐसा करने के पीछे एक ग्राहक के तौर पर भी मेरे बहुत से निजी अनुभव शामिल थे
अपने सलॉन में सालों से ग्राहकों के साथ बातचीत करने, उनकी पसंद-नापसंद को समझने, प्रोडक्ट्स के असर देखने और अपने अनुभवों और शोध के आधार पर ही, नंदीता ने Enn’s Closet की शुरुआत की।

क्यों खास है Enn’s Closet प्रोडक्ट

Enn’s Closet प्रोडक्ट एक मॉइस्चराइजर है, जिसमें मक्खन जैसा गाढ़ापन होता है। इस क्रीम को बनाने के लिए, भारत की एक आयुर्वेदिक विधि का इस्तेमाल किया गया है। हमने अपने प्रोडक्ट्स में कुछ सामग्रियों जैसे- हायलरोनिक एसिड, केराटिन और सिल्क प्रोटीन, नारियल का दूध, अलसी, आंवला और रीठा आदि को शामिल करने की भी कोशिश की है। हमारी ज्यादातर सामग्रियां, ऐसे दुकानदारों से आती हैं, जो विशेष रूप से नेचुरल सामग्रियां बेचने के लिए सर्टिफाइड हैं। उत्पादों में इस्तेमाल किए जाने वाले फल, मक्खन, सब्जियां, फूल आदि सीधे ऐसे किसानों से मंगवाए जाते हैं, जिनसे इन दुकानदारों ने टाईअप किया हुआ है।

नेचुरल प्रोडक्ट्स में विश्वास करें’

जो भी अब नेचुरल प्रोडक्ट्स को अपनाने की सोच रहे हैं, नंदीता की उन्हें सलाह है, “अगर आप नेचुरल प्रोडक्ट्स के अच्छे नतीजे देखना चाहते हैं, तो इन्हें थोड़ा समय दें। भले ही आपको इंतज़ार करना पड़े, लेकिन आपका इंतज़ार आपके लिए फायदेमंद रहेगा। मैं तो यह कहूँगी कि आप अब भारतीय ब्रांड में विश्वास करना शुरू करें। हम विदेशी चीजों को बिना ज्यादा जांच-परख के इस्तेमाल करने लगते हैं, लेकिन जब बात देसी ब्रांड की आती है, तब लोग अपनी ही चीजों पर विश्वास करने से कतराने लगते हैं।”

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