कहते हैं प्यार की कोई सीमा नहीं होती हैं। इसका जीता जागता उदाहरण हैं, राजस्थान जैसलमेर के गांव कुलधरा में एक गेटकीपर के रूप में कार्यरत 82 वर्ष के एक व्यक्ति। उनको अपनी आस्ट्रेलियन महिला मित्र का आज 50 साल बाद एक खत मिला हैं। जो ऑस्ट्रेलिया से उनकी महिला मित्र ने भेजा हैं।

इन दोनों की कहानी आज कल सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रही हैं। महिला का नाम मरीना हैं और वो मूल रूप से ऑस्ट्रेलिया की रहने वाली हैं। एक अख़बार को बोलते हुए मरीना कहती हैं की मुझे ऐसे लगता हैं की वो मुझसे रोज बात करता है, यह एक ऐसा एहसास है जिसे मैं समझा नहीं सकती।


लोग सोशल मीडिया पर मरीना की फोटो की डिमांड कर रहे हैं और इस प्यार को खूब बधाइयाँ दे रहे हैं। और लोग बहुत सारे सवाल इस जोड़े से कर रहे हैं कि अब आप दुबारा मिलने के बाद कैसा महसूस कर रहे है। अब आपकी उनसे कैसे बात होती है। क्या आप हमसे उनकी तस्वीर share कर सकते है। आपकी स्टोरी सुनकर मेरी आंखों से आंसू बह पड़े थे।। मैं यह अब उम्मीद करता हूं कि अब आप दोनों साथ रहें।

उस व्यक्ति ने अपना अधिकांश जीवन कुलधरा में एक गेटकीपर के रूप में काम करते हुए बिताया था और हाल ही में एक सोशल मीडिया पेज पर अपनी पहली पहली प्रेम कहानी साझा की। “मैं अपने 30 के दशक में था जब मैं पहली बार मरीना से मिला था – वह एक रेगिस्तान सफारी के लिए ऑस्ट्रेलिया से जैसलमेर आई थी। यह 5 दिन की इस यात्रा मैने और उसे ऊंट की सवारी करना सिखाया। वह 1970 का दशक था – ‘उन दिनों, पहली नज़र में ही प्यार हो जाता था ( उन्होंने लिखा)।

“यह पहली नजर का ही प्यार था। पूरी यात्रा के दौरान, हमारी एक-दूसरे से नज़रें ही नहीं हटी । और वह ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना होने लगी उससे पहले, मरीना ने मुझसे तीन जादुई शब्द कहे, ‘आई लव यू’ मैं लाल हो गया! ये शब्द मुझसे पहले कभी किसी ने नहीं कहे थे। मैं उस दिन को कभी नहीं भूल सकता-मैं इतना शर्म महसूस कर रहा था कि मैं उसके कबूलनामे के जवाब के रूप में एक शब्द भी नहीं बोल सका था ।

उन्होंने आगे बढ़ते हुए लिखा की लेकिन वह समझ गई और हम संपर्क में रहे। मरीना के वापस जाने के बाद, वह हर हफ्ते मुझे पत्र लिखती थी। और कुछ हफ्ते बाद, उसने मुझे ऑस्ट्रेलिया में बुलाया। उस वक्त मैं सातवें आसमान पर था मानो जैसे पर लग गया हो!”

मैं भारत छोड़ने के लिए तैयार नहीं था और वह भारत जाने के लिए तैयार नहीं थी। मैंने उससे कहा – ‘यह लंबे समय तक नहीं चल पायेगा ‘, और हमने अलग होने का फैसला किया। मेरे जाने के दिन वह बहुत रोई, लेकिन मुझे उसे जाने देना पड़ा।

फिर, हमारा जीवन आगे बढ़ गया। कुछ साल बाद पारिवारिक दबाव के कारण मुझे भी शादी करनी पड़ी। उसके बाद, मैंने अपने परिवार के पालन-पोषण के लिए अपने गाँव के पास परित्यक्त भूतों के शहर कुलधरा के गेटकीपर के रूप में नौकरी की। लेकिन अक्सर, मैं खुद को मरीना के बारे में सोचने के लिए खुद को नहीं रोक पाता था- क्या उसकी शादी हो गई होगी? क्या मैं उसे फिर कभी देख पाऊंगा? क्या कभी मिल भी पाउंगा लेकिन मुझमें उसे पत्र लिखने की कभी हिम्मत नहीं हुई।

वे कहते हैं- जैसे-जैसे समय बीतता गया, वैसे वैसे यादें फीकी पड़ती गईं। मैं अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों में व्यस्त हो गया। और फिर 2 साल पहले, मेरी पत्नी का निधन हो गया। मेरे सभी बेटों की शादी हो चुकी थी और वे अपने जीवन में व्यस्त हैं। और मैं एक 82 वर्षीय व्यक्ति था, जो भारत के एक भूतो के गाँव में गेटकीपर की नौकरी करता हूँ।

वह आगे कहते है की जब मैंने सोचा कि जीवन मुझे अब और आश्चर्य में नहीं डाल सकता तो उसने किय। एक महीने पहले, मरीना ने मुझे लिखा था की मेरे दोस्त तुम कैसे हो। मेरे रोये खड़े हो गए। 50 साल बाद, उसने मुझे कैसे खोजा! तब से वो मुझे रोज बुला रही है।

उसने मुझसे कहा कि उसने कभी शादी नहीं की और वह जल्द ही भारत आ रही है,” वह व्यक्ति खुशी से झूम उठा । तो इस तरह इस व्यक्ति की कहानी ने हमें रूलाया व हंसाया । व इस तरह इस 82 साल के व्यक्ति को अपना पहला प्यार वापस मिल गया हैं ।

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