किन्नरों को समाज में वो स्थान प्राप्त नहीं है जो होना चाहिए। लेकिन फिर भी किन्नरों को काफी अहम माना जाता है और कहा जाता है कि किन्नर की दुआ काफी फलती फूलती है और ठीक उसी तरह किसी किन्नर की बद्दुआ भी आपको बर्बाद कर सकती है। इसलिए लोग इनकी बद्दुआ लेने से बचते हैं

भी भूलकर भी किन्नरों को स्टील का बर्तन, पुराने कपड़े, तेल और प्लास्टिक से बनी वस्तुएं दान में न दें। किन्नरों को दिया गया ऐसा दान न सिर्फ आपके घर में दुर्भाग्य लाएगा बल्कि परिजनों की सेहत पर भी बुरा असर डालेगा।

किन्नरों को लोग दान भी करते हैं लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको भूल कर भी किसी किन्नर को दान नहीं करनी चाहिए क्योकिं ये दुर्भाग्य का कारण बनती है।

किन्नर हिमालय में आधुनिक कन्नोर प्रदेश के पहाड़ी लोग, जिनकी भाषा कन्नौरी, गलचा, लाहौली आदि बोलियों के परिवार की है।
किन्नर हिमालय के क्षेत्रों में बसनेवाली एक मनुष्य जाति का नाम है.

जिसके प्रधान केंद्र हिमवत्‌ और हेमकूट थे। किन्नर हमारे घर में किसी भी शुभ मौके जैसे शादी, बच्चा पैदा होने आदि में नाच गा कर पैसा लेते हैं और उस से अपना पेट भरते हैं।

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