अरशद वारसी द्वारा फिल्मों मे कॉमेडी से लेकर सीरियस सब तरह के किरदार निभाए जा चुके हैं. पर बड़े पर्दे पर अरशद वारसी को एक हास्य कलाकार के रूप में ज्यादा जाना जाता है. मुन्नाभाई’ में उन्होंने सक्रिट नाम का किरदार निभाया था जिसके लिए अरशद वारसी को काफी सहराना मिली थी।

अरशद वारसी ने कई बड़ी फिल्मों में अपने अभिनय से फैंस का काफी दिल जीता है. बता दे बॉलीवुड के एक सफल एक्टर माने जाने वाले अरशद वारसी ने एक कोरियोग्राफर के तौर पर अपने फिल्मी करियर की काफी शुरुआत की थी.

 

बता दे अरशद वारसी द्वारा ही फिल्म ‘रूप की रानी चोरों का राजा’ के गाने ‘तेरे मेरे सपने’ को कोरियोग्राफ किया गया था.

फिल्म ‘बेताबी’ से अरशद वारसी ने अपना एक्टिंग करियर शुरू किया था. इसके बाद अरशद वारसी ने काफी बॉलीवुड में काम किया जिसमें से मुख्य ‘जानी दुश्मन’, ‘हलचल’, ‘हीरो हिंदुस्तानी’, ‘होगी प्यार की जीत’, और ‘मैंने प्यार क्यूं किया’ मुन्नाभाई एमबीएस, मुन्ना माइकल, जॉली एलएलबी है

14 साल की छोटी उम्र में ही अरशद वारसी ने अपने माता-पिता को खो दिया था और इसके बाद अपनी जीविका के लिए अपनी पढ़ाई को छोड़कर सामान बेचना शुरू कर दिया था. बता दे मुंबई के सेंट जेवियर कॉलेज में आयोजित मशहूर मल्हार फेस्टिवल में अरशद वारसी को बतौर जज आमंत्रित किया गया था.

वहीं पर उन्होंने सेंट एंड्रयू कॉलेज में प्यारी सी मुस्कान रखने वाली समान्य छात्रा मारिया गोरेटी को देखा था जो उस समय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आई हुई थीं और वह वहां पर पहली नजर में ही अरशद वारसी अपना दिल दे बैठे थे. पहली नजर में प्यार होने के बाद अरशद ने मारिया को अपने ही डांस ग्रुप में शामिल होने के लिए प्रस्ताव रखा था.

इस तरह ही मारिया अरशद वारसी को असिस्ट करने लगीं थीं. इसके बाद अक्सर दोनों के बीच मुलाक़ात होने लगी. हालांकि जब भी मारिया से अरशद वारसी के लिए प्यार के बारे में पूछा गया तो वह मना कर देती थी. मारिया के परिवार वाले भी शुरुआत में इस रिश्ते से बिल्कुल भी खुश नहीं थे.

क्योंकि उनकी यह मान्यता थी कि फिल्मी अभिनेताओं की शादीया ज्यादा टिकती नहीं हैं लेकिन बाद में दोनों के परिवार वाले उनकी बात मान गए थे और 14 फरवरी को वैलेंटाइन दिन के अवसर पर ही दोनों ने एक-दूसरे से मुस्लिम और ईसाई रीति रिवाज से शादी कर ली थी.

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