दोस्तों आज के दौर में किसी भी व्यक्ति को थोड़ी सी भी सफलता मिलते ही इंसान अपनी संस्कृति। (कल्चर ) को भूल कर दर किनार कर देता है। और आज कल के नये जमाने के हिसाब से ढलने की अथक प्रयास व कोशिश करता है इसी प्रकार लाख सफलता मिल जाये किसी को भी अपनी धरोहर और संस्कृति को कभी भी भूलना नही चाहिए। व्यक्ति कितना भी पैसा क्यों न कमा ले लेकिन उसे अपनी वास्तविकता से एवं जमीन स्तर से जुड़े रहना चाहिए।

दोस्तों आज हम आपको एक ऐसी ही एक सफल व कामयाब महिला के विषय में बताने जा रहे हैं जिन्होंने कामयाबी हासिल करके भी अपनी संस्कृति को नही भुलाया।

बता दें कि मोनिका यादव के पिता एक वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी है जिनका की नाम श्रीमान हरफूल सिंह यादव है। मोनिका यादव ने आईएसएस बनने की प्रेरणा अपने पिता से ही प्राप्त की है और अपने पहले ही प्रयास में इन्हें 403वीं रैंक प्राप्त हो गई। मोनिका यादव अपने आस पास के सभी एरिया के लोगों के सभी समस्याएँ एवं शिकायते सुन कर उनका समाधान निकालने के लिए काफी प्रख्यात हैं।

बता दें कि मोनिका की शादी जिनसे हुई है वह भी एक आईएएस अधिकारी हैं। इनके पति का शुभ नाम सुशील यादव है और सुशील वर्तमान में राज संसद में एसडीएम के पद पर कार्यरत हैं।

मोनिका ने अपने पिता के नक्शे कदम पर चलकर उनसे भी एक कदम आगे निकल गई हैं। आईएएस मोनिका के पिता हरफूल सिंह यादव सीनियर आरएएस हैं। वर्तमान में राजस्थान विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत है। मोनिका अभी आईएएस का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। फिलहाल मातृत्व अवकाश पर हैं|


मोनिका एक माँ भी हैं और वह जिस वक़्त माँ बनी थी उस समय की तस्वीरें बहुत वाइरल हुई थी। मोनिका अपनी ड्यूटी निभाने के साथ ही साथ अपने माँ होने का सारा कर्तव्य भी बहुत ही बखूबी निभाया हैं। आईएएस बनने के बाद भी मोनिका यादव अपनी संस्कृति से जुड़ी हुई रही हैं।
मार्च 2020 में मोनिका ने बेटी को जन्म दिया था। सोशल मीडिया में वायरल हो रही उसकी यह तस्वीर उसी समय की हैं। हरफूल सिंह यादव के मुताबिक बेटी का हमारी सामाजिक परम्पराओं से काफी जुड़ाव है।


उनमें किसी भी प्रकार का कोई भी प्रकार अहंकार नहीं प्रतीत होता है ।उनका व्यक्तित्व अत्यंत ही अनुसरणीय है । मतलब उनके व्यक्तित्व को अपने अंदर अमल में लाने वाला व्यक्तित्व है ।जो अत्यंत ही प्रेरणादाई हैं|

इस प्रकार से इनका व्यक्तित्व बेहद ही खूबसूरत व अमल करने लायक है।।दोस्तों आज के दौर में किसी भी व्यक्ति को थोड़ी सी भी सफलता मिलते ही इंसान अपनी संस्कृति। (कल्चर ) को भूल कर दर किनार कर देता है। और आज कल के नये जमाने के हिसाब से ढलने की अथक प्रयास व कोशिश करता है इसी प्रकार लाख सफलता मिल जाये किसी को भी अपनी धरोहर और संस्कृति को कभी भी भूलना नही चाहिए। व्यक्ति कितना भी पैसा क्यों न कमा ले लेकिन उसे अपनी वास्तविकता से एवं जमीन स्तर से जुड़े रहना चाहिए।

दोस्तों आज हम आपको एक ऐसी ही एक सफल व कामयाब महिला के विषय में बताने जा रहे हैं जिन्होंने कामयाबी हासिल करके भी अपनी संस्कृति को नही भुलाया।

मतलब उनके व्यक्तित्व को अपने अंदर अमल में लाने वाला व्यक्तित्व है । जो अत्यंत ही प्रेरणादाई हैं मोनिका यादव अपने गाँव लिसाडिया के श्रीमाधोपुर की लाडली और दुलारी हैं। और आधुनिकता के साथ ही अपनी परंपराओं व संस्कारो को भी साथ लेकर चलना जानती हैं।
इस प्रकार से इनका व्यक्तित्व बेहद ही खूबसूरत व अमल करने लायक है।।

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