बचपन से ही हमें रोजाना नहाने और शरीर की ढंग से साफ़ रखने की नसीहत मिलती रही है. बड़े-बुजुर्ग हमेशा से ही ये कहते आए हैं कि नहाने से इंसान के आधे रोग कटते हैं. लेकिन विज्ञान इससे कुछ अलग ही कहानी बयाँ करता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि रोजाना नहाना हमारी सेहत के लिए कई मायनों में नुकसानदायक हो सकता है.

हारवर्ड हेल्थ की एक रिपोर्ट के मुताबिक. आमतौर पर हेल्दी स्किन त्वचा पर ऑयल की परत और गुड बैक्टीरिया को संतुलित रखने का काम करती है. नहाते वक़्त स्किन को रगड़ने या साफ़ करने से वह निकल जाते हैं. इस मामले में गर्म पानी से तो और भी ज़्यादा नुक़सान हैं.

एक्सपर्ट कहते हैं कि नहाने के बाद इंसान की खुरदरी या रूखी त्वचा भी बाहरी बैक्टीरिया और एलेर्जेंस को दावत देती है. इससे स्किन इंफेक्शन या एलेर्जिक रिएक्शन का जोखिम और बढ़ जाता है. इसलिए डॉक्टर लोगों को नहाने के बाद स्किन क्रीम का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं.

शरीर में एंटीबॉडी बनाने और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए हमारे प्रतिरक्षा तंत्र को निश्चित मात्रा में कॉमन बैक्टीरिया. गंदगी और या सूक्ष्म जीवों की आवश्यकता होती है. इसी वज़ह से डॉक्टर्स और डर्माटोलॉजिस्ट बच्चों को रोजाना नहलाने की सलाह नहीं देते हैं. बार-बार नहाने से हमारे इम्यून सिस्टम की क्षमता कम हो सकती है.

जिन एंटी बैक्टीरियल शैंपू और साबुन का हम इस्तेमाल करते हैं वह भी हमारे गुड बैक्टीरिया को मार सकते हैं. हारवर्ड हेल्थ के मुताबिक. ये त्वचा पर बैक्टीरिया के बैलेंस को खराब करते हैं. ये कम फ्रेंडली बैक्टीरिया के पैदा होने का जोखिम बढ़ाता है. जो एंटी बायोटिक दवाओं के प्रति अधिक प्रतिरोधी होते हैं.

अमेरिका की प्रसिद्ध डर्माटोलॉजिल्ट डॉ. लॉरेन प्लॉच के मुताबिक. स्किन से जुड़ी समस्या से जूझ रहे लोग या बहुत ज़्यादा ड्राय स्किन वाले लोगों को ज़्यादा से ज़्यादा 5 मिनट तक ही नहाना चाहिए. ऐसे लोगों को एक बार में एक मिनट से ज़्यादा शावर के नीचे नहीं खड़ा होना चाहिए. ये स्किन और हेयर दोनों के लिए खराब हो सकता है.

NBC News की एक रिपोर्ट के मुताबिक. गर्म पानी शरीर के नैचुरल ऑयल को ज़्यादा तेजी से ख़त्म करता है और स्किन को भी तेजी से डैमेज करता है. इस सर्कुलेशन को बैलेंस करने के लिए कई लोग या तो बहुत ज़्यादा ठंडे या फिर ज्याद गर्म पानी से नहाते हैं. लेकिन सही मायने में तापमान के हिसाब से ही हमें पानी का इस्तेमाल करना चाहिए.

रिपोर्ट के मुताबिक. अगर आपको स्किन से जुड़ी कोई समस्या नहीं है तो आप रेगुलर साबुन का इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन अगर आपकी स्किन में ड्रायनेस की समस्या है तो इससे बचने की सलाह दी जाती है. दरअसल साबुन आपकी त्वचा में मौजूद नैचुरल ऑयल को निकाल देता है. जिससे ड्रायनेस की दिक्कत और बढ़ जाती है

गर्म पानी से ज़्यादा नुकसान-एक्सपर्ट की मानें तो ठंड के मौसम में ज़्यादा देर तक गर्म पानी का शावर लेना सेहत के लिए अच्छा नहीं है. इससे हमारी बॉडी और दिमाग़ दोनों पर बुरा असर पड़ता है. दरअसल गर्म पानी केराटिन नाम के स्किन सेल्स को डैमेज करता है. जिससे त्वचा में खुजली. ड्रायेनस और रैशेस की समस्या बढ़ जाती है.

आंखों पर बुरा असर-एक्सपर्ट कहते हैं कि गर्म पानी से नहाने से आंखों की भी नमी ख़त्म होने लगती है जिसकी वज़ह से आंखों में हल्की खुजली की समस्या हो सकती है. अच्छा होगा कि गर्म या ठंडे पानी की बजाय नॉर्मल पानी का इस्तेमाल करें.

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