इटली के पोम्पई शहर को लगभग 19 सौ साल पहले ज्वालामुखी के लावे ने पत्थर में बदल दिया 1748 में कुछ सैलानी वहां पहुंचे तो देखा कि पूरे शहर में पत्थर की मूर्तियां ही मूर्तियां हैं I वे वही लोग थे, जिन्हें ज्वालामुखी के लावे ने मार दिया थाI आज ये शहर यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल है I

वेकेशन स्पॉट था इटली का यह शहर

पोम्पई काफी घनी आबादी वाला शहर था I करीब 170 एकड़ में फैला हुआ ये शहर उस वक्त इटली का वेकेशन स्पॉट था I दूर-दूर से लोग यहां घूमने के लिए आते I पहाड़ों से 5 मील की दूरी पर बसे इस शहर में सैलानियों के कारण सारी आधुनिक व्यवस्थाएं थीं I यहां तक कि कई थिएटर और एक होटल भी था I

हिस्ट्री वेबसाइ़ट के अनुसार यहां पर एक से बढ़कर एक खूबसूरत घर थे और सड़कें भी आधुनिक तरीके से बनी हुई थीं I इतिहासकारों के अनुसार जब ज्वालामुखी फटा जब शहर में 12000 के आसपास की आबादी रही होगी यानी उस दौर के हिसाब से पोम्पई काफी घनी आबादी वाला शहर था I

ज्वालामुखी जिसने शहर को खत्म कर दिया


नेपल्स की खाड़ी में स्थित Mount Vesuvius नाम का एक ज्वालामुखी है, जो अब तक 50 से ज्यादा बार फट चुका है I तब उस शहर के लोगों को कोई नुकसान नहीं हुआ था। लेकिन किसको पता था कि कभी इतना खतरनाक ज्वालामुखी विस्फोटक भी हो सकता है। जो कि पूरे शहर को पत्थर में बदल दें।

आज से लगभग 19 सौ साल पहले इस ज्वालामुखी का ऐसा खतरनाक विस्फोट हुआ। किसी को संभलने या एक जगह इकट्ठा होने तक का वक्त नहीं मिला I विस्फोट से निकला लावा बाढ़ में उफनती नदी की तरह शहर की ओर बढ़ चला था I लावा की गर्मी इतनी ज्यादा की थी।की गर्मी से शहर के लोगों का खून उबलने लगा था और तुरंत ही उनकी मौत हो गई I

इसके बाद से शहर वीरान पड़ा रहा I इसके बाद सदियों तक इस शहर की किसी ने सुध नहीं ली I जब इसकी खोज हुई तो पाया गया कि शहर के लोग जस के तस अलग-अलग पोजिशन में पड़े हुए हैं I जैसे किसी काम करते व्यक्ति की काम के दौरान ही अपनी जगह पर मौत हो गई I एक बैठे हुए बच्चे ने उसी तरह से बैठे हुए दम तोड़ दिया I यानी लावे की गति इतनी तेज रही होगी कि किसी को संभलने या एक जगह इकट्ठा होने तक का वक्त नहीं मिला I

ज्वालामुखी का लावा तेजी से बहता हुआ पोम्पई शहर आ पहुंचा और मिनटों में शहर की पूरी आबादी खत्म हो गई I इसका पता जब चला जब साल 1748 में कुछ सैलानी वहां पहुंचे तो देखा कि पूरे शहर में पत्थर की मूर्तियां ही मूर्तियां है I वे वही लोग थे, जिन्हें ज्वालामुखी के लावे ने मार दिया था I

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