बांसुरी प्रकति का एक अनुपम वरदान है। भगवान श्री कृष्ण को बांसुरी अतिप्रिय है। वे इसे हमेशा अपने साथ रखते हैं। घर के पुजा घर में जहां देवता बैठेते हैं।वहां एक सुंदर सी बांसुरी लाकर रखनी चाहिए। जिससे घर में सुख शांति और समृद्धि बनी रहे। बांसुरी को बहुत ही शुभ और पवित्र माना जाता हैं।

भगवान श्री कृष्ण हमेशा बांसुरी बजाया करते थे वे बहुत ही मनमोहक ध्वनि सुनाया करते थे । भगवान श्री कृष्ण को बांसुरी अतिप्रिय है। यह पवित्र बांस से बनी हुई होती हैं । इनमें 5,6 या सात छोटे-छोटे छेद वाली बनी होती हैं उन्हीं छेदों पर उंगलियां पिरोकर इसे बजाया जाता हैं जिससे बहुत मोहक ध्वनि निकलती हैं।

आइए जानें बांसुरी के विषय में

1. बांसुरी को बहुत ही पवित्र और पूजनीय माना जाता है।बंसुरी या बांसुरी भगवान श्री कृष्ण के हाथों में हमेशा रहतीं हैं ‌।इस कारण वश यह बहुत पवित्र व पूजनीय होते हैं।श्री कृष्ण हमेशा बांसुरी बजाया करते थे वह बहुत ही मोहक धुन बजाया करते थे जिससे हर व्यक्ति मंत्रमुग्ध हो जाता था ।

2. बांसुरी की अभिव्यक्त शक्ति अत्यंत विविधतापूर्ण है, उससे मधुर संगीत बजाया जाता है।

3. बांसुरी प्राकृतिक आवाजों की नकल करने में निपुण है, उससे कई तरह के पक्षियों के आवाज की हू-ब-हू नकल की जा सकती है।

4. बांसुरी घर के वातावरण में मौजूद समस्त नकारात्मक शक्तियों को समाप्त करके सकारात्मक ऊर्जा सक्रिय करने का कार्य करती है।

5. बांसुरी बांस से बनी होती है तथा इसके पौधे को दिव्य माना जाता है। अत: घर में बांसुरी का प्रयोग करके कई तरह से लाभ उठाया जा सकता है।

6. ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति अपनी नौकरी से परेशान रहता हैं, वह अपने घर में बांसुरी रखें , बांसुरी उसकी सारी मुश्किलें आसान कर सकती है।

7. अगर कोई काफी मेहनत के बाद भी अपने बिजनेस में सफलता हासिल नहीं कर पा रहा है तो उसे बांस की बनी बांसुरी अपने दुकान में रखनी चाहिए इससे व्यापार में उन्नति होती है।

8. नए व्यवसाय का आरंभ और ईश्वर का पूजन करते समय अपने दुकान की छत पर दो बांसुरी चिपकानी चाहिए या टांग देनी चाहिए। यह बांसुरी अच्छी सफलता दिलाने में मददगार साबित होता है।

9. बांसुरी से निकलने वाला स्वर प्रेम की बरखा करता है। जिस घर में बांसुरी रखी होती है वहां प्रेम और धन की कोई कमी नहीं रहती है।

10. बांसुरी के संबंध में एक धार्मिक मान्यता है कि जब बांसुरी को हाथ में लेकर हिलाया जाता है तो बुरी आत्माएं दूर हो जाती हैं और जब इसे बजाया जाता है तो घरों में शुभ चुंबकीय प्रवाह का प्रवेश होता है।

बांसुरी शांति व समृद्धि का प्रतीक मानी गई है अतः घर के मुख्य द्वार पर बांस की सुन्दर सी बांसुरी लटकाना समृद्धि को आमंत्रित करेगा जिससे परिवार पर श्री कृष्ण की कृपा बनी रहेगी एवं आर्थिक तंगी दूर होने में मदद मिलेगी।

घर में कहाँ हो बांसुरी

घर में बांसुरी ऐसे स्थान पर रखनी या लगानी चाहिए जहाँ से बार-बार आपकी नजर उस पर पड़े। ऐसा करने से सकारात्मक विचारों में वृद्धि होकर आपको कार्यों में सफलता प्राप्त होगी।

यदि घर में कोई सदस्य बीमार रहता है तो उसके कमरे के दरवाज़े के ऊपर अथवा सिरहाने बांसुरी रखने से स्वास्थ्य लाभ मिलेगा।

आध्यात्मिक रूप से उन्नति के लिए या फिर किसी प्रकार की साधना में सफलता की पूर्ति के लिए अपने पूजाघर के दरवाज़े पर बांसुरी लगाने से शीघ्र ही सफलता प्राप्त होगी। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि बांसुरी कभी भी सीधी नहीं लगानी चाहिए बल्कि इसे तिरछा लगाना शुभ परिणाम देता है।

जन्माष्टमी के दिन नई बांसुरी को सजाकर भगवान श्री कृष्ण के समक्ष रखकर इसकी पूजा करें, घर में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।

इस प्रकार से हमने आज आपको वास्तु शास्त्र से जुड़े कुछ बांसुरी से संबंधित कुछ रोचक तथ्य व जानकारियां बतायी।

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