देश दुनिया में अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर झीलों की नगरी में सभी पर्यटन स्थलों पर सैलानी नजर आ रहे हैं. यहां की हवेलियों और महलों की भव्यता को देखकर दुनिया भर के पर्यटक मंत्रमुग्ध हो जाते हैं. लेकिन इस बार आने वाले पर्यटकों के लिए मकाउ तोता आकर्षण का केंद्र बन गया है. यह तोता कभी फतेह सागर झील किनारे और शहर की सड़कों पर घूमता नजर आता है. जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक रुक जाते हैं. यहां आने वाले बच्चे इसे देखकर बड़े प्रसन्न चित्त हो रहे हैं , और बच्चों से यह भी बहुत बहुत खुश होता है , आज के आर्टिकल में हम इस मकाउ तोते के बारे में कुछ ऐसी बातें बताएंगे जिन्हें सुनकर आप हैरान हो जाएंगे….

मुंबई से खरीदा गया था यह तोता

लेकसिटी उदयपुर में इन दिनों मकाउ तोता शहरवासियों के आकर्षण का केंद्र बन गया है. यह तोता कभी फतेह सागर झील किनारे तो कभी शहर की सड़कों के आसपास घूमता नजर आता है .जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक रुक जाते हैं. इसे साउथ अफ्रीका से लाया गया था. इस तोते को भूपालपुरा रहने वाले अमन ने मुंबई से 2 लाख रुपए की कीमत में खरीदा है. इसे साउथ अफ्रीका से लाया गया था. उन्होंने इस तोते को मोजो नाम दिया है.

मकाउ तोते को रखने के लिए लेना पड़ता है लाइसेंस

अमन ने बताया कि मोजो कुछ दिन पहले ही मुंबई से उदयपुर आया है .ऐसे में इसे यहां की आबोहवा से रूबरू करवाने के लिए शहर में घुमा रहा हूं. उन्होंने बताया कि मकाउ तोते को रखने के लिए लाइसेंस लेना पड़ता है. इसकी आईडी भी इस तोते के पैर में लगी हुई है. इसके साथ ही इस में GPS सिस्टम भी फिट है .ताकि, इस तोते को ना तो कोई व्यक्ति चुरा पाए, और ना ही तोता अपने मालिक की नजरों से ओझल हो पाए.

डेढ़ लाख से शुरू होती है इसकी कीमत

पर्यावरण प्रेमी चमन सिंह ने बताया कि मकाउ विदेशी प्रजाति का तोता है. जो आमतौर पर साउथ अफ्रीका और अर्जेंटीना में पाया जाता है . ऐसे में इसकी शुरुआती कीमत ही डेढ़ लाख रुपए से शुरू होकर 10 लाख रुपए तक जाती है. चमन सिंह ने बताया कि यह तोता काफी फ्रेंडली होता है. इसे आसानी से मालिक अपने हाथ या कंधे पर बिठा घूम सकता है .मकाउ हेम्पीफीड्स, सनफ्लावर और ड्राई फ्रूट खाना काफी पसंद करता है. यह किसी भी वातावरण में खुद को आसानी से एडजस्ट कर लेता है.

उदयपुर में उड़ने की कोशिश करता मकाउ

भारतीय तोतो से 4 गुना बड़े होते हैं मकाउ पर्यावरण प्रेमी डॉक्टर सतीश शर्मा ने बताया कि मकाउ काफी सुंदर और आकर्षक होते हैं ऐसे में दुनियाभर में बड़ी संख्या में लोग मकाउ तोते खरीदना पसंद करते हैं. इन तोतो का आकार आम तोतों के मुकाबले 4 गुना बड़ा होता है. इसलिए इन्हें रखने के लिए विशेष केज बनाया जाता है. इसके साथ ही मकाउ तोतों को कोई भी भाषा सिखाने में लंबा वक्त लगता है. क्योंकि इनकी आवाज काफी तीखी और कर्कश भरी होती है .आमतौर पर मकाउ की उम्र 60 से 70 साल के बीच होती है.

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